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प्यार स्नेह और त्याग कभी यशोदा अपरिचित करनी है स्वार्थ भाव काफ़िर सदा प्रचार सदा देवकी का एक कारण दिखावा ना करना समान है हमें ये सगाई ईश्वर का धन्यवाद स्नेहबंध क्षमा करना, माँ

Hindi तुच्छ स्वार्थ का त्याग करना है Quotes